पटवारियों का शक्ति प्रदर्शन, 400 से अधिक ने बुलंद की आवाज

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अतिरिक्त कार्यभार से मुक्ति की मांग, वेतन विसंगति और कैडर रिव्यू का भी उठाया मुद्दा
स्वामित्व योजना, ई-केवाईसी और जियो-टैग गिरदावरी पर जताई आपत्ति; मांगें नहीं मानीं तो कलमबंद आंदोलन की चेतावनी
बैतूल। मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने मंगलवार को अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर शक्ति प्रदर्शन किया। जिलेभर से जुटे 400 से अधिक पटवारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अतिरिक्त तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यभार से पटवारी संवर्ग को पृथक रखने तथा वर्षों से लंबित सेवा संबंधी समस्याओं के स्थायी निराकरण की मांग उठाई।
संघ ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना, ई-केवाईसी, पंजीयन और इससे जुड़े व्यक्तिगत दायित्व वाले कार्यों से पटवारियों को पूर्णतः पृथक रखने की मांग की। जिलाध्यक्ष मोहनलाल धुर्वे ने कहा कि स्वामित्व योजना में पटवारियों की भूमिका सहयोगात्मक, अभिलेखीय एवं मैदानी सहायता तक रही है। पटवारियों को प्रत्यक्ष निष्पादक बनाए जाने से भविष्य में कानूनी और व्यक्तिगत दायित्व की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
फार्मर आईडी और जियो-टैग गिरदावरी पर आपत्ति
संघ ने फार्मर आईडी को सतत प्रक्रिया मानने और इसे लेकर पटवारियों पर मानसिक दबाव अथवा अनावश्यक कार्रवाई नहीं करने की मांग की। जियो-टैग गिरदावरी के लिए भी पटवारियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराने की मांग रखी गई।
ज्ञापन में वेतन विसंगति, ग्रेड-पे, कैडर रिव्यू, पदोन्नति सहित अन्य लंबित सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संघ ने चेतावनी दी कि अत्यधिक कार्यभार और दबाव की स्थिति बनी रही तो प्रदेश स्तर पर कलमबंद आंदोलन जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष मोहनलाल धुर्वे, उपाध्यक्ष कमल किशोर धोटे, महेंद्र राठौर, मोरध्वज टीकमें, बृजलाल भलावी, केशव कांत कोसे, अवधेश वर्मा सहित जिले के 400 से अधिक पटवारी एवं संघ पदाधिकारी मौजूद रहे।

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